Previous
Next

Tuesday, 20 January 2026

स्वयंसेवक संघ के सह कार्यवाहक ने सिक्खों के सेवा व समर्पण भाव को अनुकरणीय बताया

स्वयंसेवक संघ के सह कार्यवाहक ने सिक्खों के सेवा व समर्पण भाव को अनुकरणीय बताया

फ़रीदाबाद, 20 जनवरी (रैपको न्यूज)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह कार्यवाहक डॉ  कृष्ण गोपाल ने कहा है कि देश का इतिहास इस तथ्य का ग्वाह है कि सिक्खों ने सदैव धर्म  व मानवता कल्याण के साथ साथ राष्ट्र हित में एकजुट होकर अपना योगदान दिया है जोकि वर्तमान में भी जारी है।

यहां सुप्रमुख उद्योगपति स. एस एस बांगा के निवास स्थान पर सिक्ख संगत, औद्योगिक प्रतिनिधियों के साथ आयोजित एक बैठक में डॉ  कृष्ण गोपाल ने कहा कि सेवा, त्याग और बलिदान की परंपरा व राष्ट्रभक्ति और समर्पण का भाव जो सिक्खों की विशेषता है, दूसरों को भी प्रेरित करती है।

कार्यक्रम का आयोजन सामाजिक, राष्ट्रीय, औद्योगिक एवं समसामयिक विषयों पर गहन एवं सार्थक विचार-विमर्श के उद्देश्य से किया गया। वर्तमान में समाज, उद्योग, संस्कृति, पर्यावरण के लिए जारी विभिन्न कार्यों का उल्लेख करते हुए आपने कहा कि कोरोना काल पंथ की एकता व समर्पण का सबसे बड़ा उदाहरण रहा, जब एक वायरस ने पूरी दुनिया को हिला दिया और सिक्ख समुदाय समर्पित भाव से सड़क पर उतरकर सभी की सेवा करता हुआ दिखाई दिया।

इससे पूर्व आगंतुकों का स्वागत करते हुए विक्टोरा ग्रुप के संस्थापक स. जी.एस. बांगा ने कहा कि सिक्खों को गुरु साहिबान द्वारा किया हुकुम ‘नाम जपो, कृत करो और वंड छको’ परिश्रम, ईमानदारी और सेवा का संदेश देता है। 

सामाजिक समरसता के लिए किए जा रहे कार्यो की सराहना करते हुए आपने कहा कि राष्ट्र की अंखडता के लिए सभी वर्गों को एकजुट होना होगा।


विक्टोरा इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक स. एस एस बांगा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आपसी रिश्तों में सद्भाव एवं विश्वास के लिए प्रयासों को निरंतर जारी रखना होगा। आपने कहा कि सिक्खों को 'मानस की जात सभै एक पहचानबो' की सीख बचपन से ही दी जाती है और मानवता व सभी के कल्याण की राह पर सिक्ख कार्यरत रहता है।

गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा सैक्टर 15 प्रबंधक कमेटी की प्रधान सरदारनी राणा कौर भट्टी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रत्येक सिक्ख गुरु साहिबान की शिक्षाओं के अनुरूप कार्यरत है। 'सब सिक्खन को हुकुम है गुरु मान्यो ग्रंथ‌' का जिक्र करते हुए सरदारनी राणा कौर भट्टी ने कहा कि कुरीतियों विरुद्ध कार्य व केवल गुरु ग्रंथ साहिब के प्रति निष्ठा व विश्वास ही सिक्ख की पहचान है।


इस अवसर पर स. अजय जुनेजा, स. गुरिंदर सिंह, स. अमरजीत सिंह, स. ए. एस. चावला, स. बी. पी. सिंह, स. कुलदीप सिंह साहनी सहित बड़ी संख्या में सिक्ख प्रतिनिधियों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।